“पीएम विश्वकर्मा” योजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में अटल सभागार ग्वालियर में भव्य समारोह का हुआ आयोजन

सही प्रगति वही जो सर्वव्यापी हो – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया 

इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा 17 सितम्बर का दिन 

भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की राजधानी नईदिल्ली से “पीएम विश्वकर्मा” का देशव्यापी शुभारंभ किया। यहाँ जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुख्य आतिथ्य में देश के 70 शहरों के साथ भव्य शुभारंभ समारोह आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी के उदबोधन का इस समारोह में बड़ी एलईडी स्क्रीन पर  सीधा प्रसारण हुआ। इस अवसर पर श्री सिंधिया ने कहा सही प्रगति वही होती है जो सर्वव्यापी हो और हर व्यक्ति को विकास का अवसर मिले। प्रधानमंत्री श्री मोदी इसी संकल्प के साथ हर वर्ग के कल्याण में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है, जो देश के इतिहास में ही नहीं विश्व के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा।
 
रविवार को “पीएम विश्वकर्मा” योजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में अटल सभागार में आयोजित हुए समारोह में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राहुल लोधी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, बीज एवं फॉर्म विकास निगम के अध्यक्ष श्री मुन्नालाल गोयल, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर एवं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अभय चौधरी मंचासीन थे। 
 
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पथ प्रदर्शक व मार्गदर्शक की भूमिका निभाकर देश को ऊँचाईयों पर ले जा रहे हैं। साथ ही विश्व पटल पर कठिनाईयों का समाधान करने वाले प्रधानमंत्री के रूप में पहचान स्थापित की है। साथ ही सबका साथ – सबका विकास, सबका विश्वास व सबके प्रयास से देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज उस तबके के कल्याण के लिये क्रांतिकारी योजना का आगाज किया है जो सदियों से पारंपरिक रूप से 18 प्रकार के कारीगरी व्यवसाय से जुड़े हैं। 
 
श्री सिंधिया ने कहा पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार 13 हजार करोड़ रूपए का वित्त पोषण करेगी। बायोमैट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग कर विश्वकर्मा योजना के तहत नि:शुल्क पंजीयन किया जायेगा। उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान-पत्र, मूलभूत और उन्नत प्रशिक्षण से जुड़े कौशल उन्नयन, 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन, 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपये (पहली किश्त) और 2 लाख रुपये (दूसरी किश्त) तक संपार्श्विक-मुक्त ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी । 

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राहुल लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। साथ ही उन्होंने जनकल्याण के लिये तमाम योजनायें चलाई हैं। प्रधानमंत्री ने इसी कड़ी में पीएम विश्वकर्मा योजना की सौगात दी है। जिसके माध्यम से 18 ट्रेड में पारंपरिक शिल्पियों को रोजगार से जोड़ा जायेगा। 
 
सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें दीं। साथ ही कहा कि उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर अत्यंत महत्वपूर्ण योजना पीएम विश्वकर्मा योजना का आगाज किया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री सभी वर्गों की चिंता करते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने समाज के अंतिम छोर पर खड़े शिल्पियों के कल्याण के लिये पीएम विश्वकर्मा योजना देश को समर्पित की है। 
 
आरंभ में केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया सहित अन्य अतिथियों ने भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंत में परियोजना निदेशक एनएएचआई श्री उमाकांत मीणा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, पूर्व विधायक श्री रमेश अग्रवाल तथा सर्वश्री अशोक शर्मा, आशीष प्रताप सिंह राठौर, मधुसूदन सिंह भदौरिया व विनोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल एवं अपर कलेक्टर श्री टी एन सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में 18 प्रकार की शिल्प कलाओं से पारंपरिक रूप से जुड़े कारीगर व युवा उद्यमी मौजूद थे। 
 
इन शिल्पियों को मिलेगी रोजगार के लिये मदद 

पीएम विश्वकर्मा योजना पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी। योजना के अंतर्गत अठारह पारंपरिक शिल्पों को शामिल किया जाएगा। इनमें बढ़ई, नौका निर्माता, शस्‍त्रसाज, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाला, मोची (जूता/जूता कारीगर), राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई (केश शिल्पी), माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं। 

योजना का उद्देश्य 

पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा या अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले विश्वकर्माओं द्वारा पारंपरिक कौशल के परिवार-आधारित प्रथा को सुदृढ़ बनाना और पोषित करना है। पीएम विश्वकर्मा का मुख्य फोकस कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों।

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